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बड़ी खबर: अरविंद केजरीवाल मुसीबत में, छिन सकता है आप पार्टी का चुनाव चिन्ह..?

आम आदमी पार्टी की मुश्किलें एक बार फिर सुर्खियों में हैं. पार्टी के बड़े नेताओं में शुमार आशुतोष और आशीष खेतान के पार्टी छोड़ने के बाद अब अरविंद केजरीवाल एक बार फिर मुश्किलों मे घिरते दिख रहे हैं. चुनाव आयोग ने अरविंद केजरीवाल से ‘आप’ पार्टी का चुनाव चिन्ह झाड़ू वापस लेने के लिए नोटिस जारी किया है. इसकी वजह हैरान कर देने वाली है. चुनाव आयोग का कहना है कि आप ने चुनाव के लिए प्राप्त चंदे की जानकारी देने में पारदर्शिता नही बरती. इसलिए क्यों न चुनावी चंदे की जानकारी छिपाने के आरोप में पार्टी से उसका चुनाव चिन्ह वापस ले लिया जाय.

छिन सकता है आम आदमी पार्टी का चुनाव चिन्ह: (Image Source-Punjabkesari)

छिन सकता है ‘आप’ का चुनाव चिन्ह ‘झाड़ू’

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल एक बार फिर मुसीबत में घिर गए हैं. दरअसल आम आदमी पार्टी ने चुनाव आयोग को ही गुमराह करने की कोशिश की है. उसने आयोग के सामने 30 सितंबर 2015 को वित्त वर्ष 2014-15 के चंदे की पूरी रिपोर्ट जमा की थी. इसके बाद पार्टी ने संशोधित रिपोर्ट 20 मार्च 2017 को फिऱ जमा कराई. दोनों रिपोर्ट में पार्टी ने अलग-अलग जानकारी बताई है. जब सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेस (CBDT) ने इसका निरीक्षण किया तो पता चला कि ‘आप’ ने चंदे की राशि मे बड़ा हेर-फेर किया है.

अरविंद केजरीवाल पार्टी के अन्य नेताओं के साथ: (Image Source-Punjab kesari)

 

सीबीडीटी के रिपोर्ट में लिखा है कि आप ने पार्टी के बैंक खाते में 67.67 करोड़ रुपये होने की जानकारी दी है. जिसमें से 64.44 करोड़ रुपये चंदे की राशि बताई है. जबकि पार्टी ने वित्त वर्ष के अपने ऑडिट रिपोर्ट में पार्टी की कुल आय 54.14 करोड़ रुपये बताया है. इसलिए इसमें से 13.16  करोड़ रुपये का कोई हिसाब नही मिल रहा है.

चुनाव आयोग ने ‘आप पार्टी’ से 20 दिन में अपनी स्थिति स्पष्ट करने को कहा है: (Image Source-Punjabkesari)

 

इसके अलावा पार्टी ने अपनी वेबसाइट पर भी चुनावी चंदे की गलत जानकारी प्रदर्शित की है. यह रिप्रजेंटशन ऑफ पीपल एक्ट की धारा 29 सी का उल्लंघन है. चुनाव आयोग ने आम आदमी पार्टी से 20 दिन में अपनी स्थिति स्पष्ट करने का नोटिस जारी किया है. अब ‘आप’ पार्टी द्वारा इस संबंध में दिए जाने वाले तथ्यों और तर्कों के आधार पर चुनाव आयोग आगे का फैसला लेगा.

News Source-Punjab kesari

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