Breaking News
Home / Interesting / पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जी की अस्थियों को ”संगम नदी” में विसर्जित करने के पीछे है ये कारण

पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जी की अस्थियों को ”संगम नदी” में विसर्जित करने के पीछे है ये कारण

भारत के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जी का 16 अगस्त की शाम को दिल्ली के एम्स अस्पताल में देहांत हो गया. अटल बिहारी वाजपेयी जी का अंतिम संस्कार दिल्ली के शांति वन में स्थित स्मृति स्थल में राजकीय सम्मान के साथ किया गया. अटल बिहारी वाजपेयी जी को मुखाग्नि उनकी गोद ली गई बेटी नमिता भट्टाचार्य ने दी. 19 अगस्त यानि रविवार के दिन अटल बिहारी वाजपेयी जी की अस्थियां हरिद्वार में गंगा नदी में विसर्जित की गई. बीजेपी ने इस बात की घोषण की थी कि अटल बिहारी वाजपेयी जी की अस्थियां देशभर की 100 नदियों में विसर्जित की जाएगी. इसके लिए 22 अगस्त को बीजेपी ने बीजेपी के दिल्ली मुख्यालय में एक कार्यक्रम का आयोजन करके सभी राज्यों के बीजेपी अध्यक्षों को अटल बिहारी वाजपेयी जी का अस्थि कलश सौंपा.

Image Source: mttvindia

25 अगस्त को ”संगम नदी” में विसर्जित की जाएंगी अटल बिहारी वाजपेयी जी की अस्थियां 

24 अगस्त की शाम को अटल बिहारी वाजपेयी जी की अस्थि कलश यात्रा संगम नगरी पहुंचेगी. रात भर अस्थि कलश को सर्किट हाउस में रखा जाएगा और 25 अगस्त की सुबह अटल बिहारी वाजपेयी जी की अस्थि कलश यात्रा संगम नदी के लिए निकलेगी. संगम नदी में अटल बिहारी वाजपेयी जी की अस्थियों को विसर्जित करने की ज़िम्मेदारी उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और राज्यमंत्री महेंद्र सिंह को दी गई है, लेकिन अटल बिहारी वाजपेयी जी की अस्थियां ”संगम नदी” में विसर्जित करने के पीछे बहुत बड़ा कारण है. तो चलिये आप भी जान लीजिये वो कारण… 

Image Source: hindi.siasat

अटल बिहारी वाजपेयी जी की अस्थियों को ”संगम नदी” में विसर्जित करने के पीछे  है ये  धार्मिक कारण

दरअसल अटल बिहारी वाजपेयी जी की अस्थियां ”संगम नदी” में विसर्जित करने के पीछे एक धार्मिक कारण है. ”संगम नदी” को पितरो की मुक्ति का प्रथम दरवाजा कहा जाता है. जिसका अर्थ ये हुआ कि स्वर्ग की कामना बगैर ”संगम नदी”में अस्थि विसर्जन के पूरी नहीं हो सकती.  पुरखों की मुक्ति और तृप्ति की अलौकिक अदृश्य यात्रा ”संगम नदी” से ही शुरू की जाती है. फिर आता है मध्य द्वार जो काशी और आखिरी द्वार गया से होते हुए बद्रीनाथ धाम में स्थापना के साथ यह यात्रा पूरी होती है.

Image Source: bhaskar

स्वयं विष्णु करते हैं संगम नदी के जल में वास 

 

यही सबसे बड़ी वजह है कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जी की अस्थियां ”संगम नदी” में विसर्जित की जाएगी ताकि उनकी आत्मा को मोक्ष की प्राप्ति हो.

16 अगस्त को दिल्ली के एम्स अस्पताल में हुआ था अटल बिहारी वाजपेयी जी का निधन 

बता दें कि भारत के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जी 11 जून से दिल्ली के एम्स अस्पताल में भर्ती थे. जहां उनका इलाज चल रहा था, लेकिन 15 अगस्त की शाम को एम्स के डॉक्टरों ने अटल बिहारी वाजपेयी जी का हेल्थ बुलेटिन जारी करते हुए बताया कि अटल जी की तबियत बहुत खराब है और उन्हे अब लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर रखा गया है. जिसके बाद 16 अगस्त की शाम को पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जी का निधन हो गया.

News Source: oneindia

 

About Anita